प्रोविडेंट फ़ंड ( PF ) क्या होता है ? EPFO की पूरी जानकारी

इस पोस्ट में मैंने "ईपीएफ़ओ,ईपीएफ़ और पीएफ़ क्या होता है ?" टॉपिक से जुड़े तमाम सवालों के जबाव दिये है। अक्सर नौकरीपेशा लोग तो प्रोविडेंट फ़ंड के बारे में जानते है लेकिन आम लोग इसके बारे में नहीं जानते है,उन्हे यह जानकारी नहीं होती है कि Provident Fund क्या है ? पीएफ़ अकाउंट क्या होता है। 

यह सभी टॉपिक प्रोविडेंट फ़ंड से जुड़े हुये है :

  • PF
  • PF Account
  • EPF
  • EPFO
  • EPF ( कर्मचारी भविष्य निधि )
  • EPS ( कर्मचारी पेंशन स्कीम )
  • EDLI ( बीमा )

इस कारण प्रोविडेंट फ़ंड ( PF ) क्या है ? इसे बेहतर तरीके से समझने के लिये आपकों इन तमाम टर्म्स को अच्छी तरह समझना होगा। इस पोस्ट में मैंने इस सभी पीएफ़ से जुड़ी टर्म्स को बहुत ही सरल तरीके से समझाने की कोशिश की है। 

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EPFO क्या है ? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन क्या है ?

EPFO की Full Form है,Employees' Provident Fund Organisation.

ईपीएफ़ओ को हिन्दी में 'कर्मचारी भविष्य निधि संगठन' कहा जाता है। यह संगठन भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधीन आने वाला एक सामाजिक सुरक्षा संगठन है। 

15 नवंबर,1951 को 'कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश' की घोषणा होने के साथ ईपीएफ़ओ अस्तित्व में आया । लेकिन बाद में इस अध्यादेश की जगह Employees' Provident Funds Act,1952 ( कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम,1952 ) लाया गया। इस कर्मचारी भविष्य निधि बिल को 1952 में बिल नंबर 15 के रूप में संसद में पेश किया गया था।

इस अधिनियम को वर्तमान में कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के रूप में जाना जाता है, जो पूरे भारत में फैला हुआ है। EPFO ​​श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

Employees' Provident Funds Act,1952 के तहत बनाए गए अधिनियमों और योजनाओं को एक त्रि-पक्षीय बोर्ड द्वारा क्रियान्वित किया जाता है,इसे "Central Board of Trustees,Employees' Provident Fund" के नाम से जाना जाता है। इस केंद्रीय न्यासी बोर्ड में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि, Employers ( नियोक्ता ) और Employees ( कर्मचारी ) शामिल होते है। 

इस बोर्ड को Employees’ PF Organization (EPFO) के द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। 'कर्मचारी भविष्य निधि संगठन' की सहायता के साथ केंद्रीय न्यासी बोर्ड के द्वारा वर्तमान में तीन योजनाएं संचालित की जा रही है - ईपीएफ योजना 1952, पेंशन योजना 1995 (ईपीएस) और बीमा योजना 1976 (ईडीएलआई)।

ईपीएफ़ओ ( कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ) का क्या कार्य है ?

Employees' Provident Fund Organisation ( कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ) का भी यही एक मात्र उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नौकरीपेशा लोगों को बचत के लिए प्रेरित करके प्रोविडेंट फ़ंड में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे रिटायरमेंट के बाद वह लोग अपनी जिंदगी को बेहतर ढंग से गुजार सके। यह PF Accounts को Manage करता है। 

प्रोविडेंट फ़ंड ( भविष्य निधि ) क्या है ? EPF और PF क्या है ? What is PF and EPF Account in Hindi

किसी सरकारी विभाग या प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी की मासिक सैलरी में से 12% राशि काटकर उसके एक अकाउंट में जमा की जाती है। यह राशि जिस अकाउंट में जमा की जाती है उसे Provident Fund Account कहते है। PF Account में हर महीने कर्मचारी की मासिक सैलरी में से 12% राशि तथा वह जिस कंपनी या विभाग में वह काम करता है उस विभाग या कंपनी की तरफ से भी 12% राशि जमा की जाती है। 

लेकिन इसमें ध्यान देने योग्य यह बाते है :-

यदि किसी प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक है तो उस कंपनी को अपने सभी कर्मचारियों का एक PF Account खोलना अनिवार्य है। 

पीएफ़ अकाउंट खोलने के लिए EPFO Member बनना जरूरी है। ईपीएफ़ओ मेम्बर बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। EPFO Member Register होने के बाद उसे एक UAN नंबर मिलता है। Universal Account Number के द्वारा वह अपने EPF Account को Manage कर सकता है। 

जिन कर्मचारियों को मासिक वेतन 15000/- रूपये से कम मिलता है उनका PF Account खोलना अनिवार्य है। लेकिन ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 15000/- से अधिक है उन पर PF Account खोलने की अनिवार्यता नहीं है।

एक कर्मचारी जिसका PF Account है वो ईपीएफ़ओ के द्वारा चलाई जाने वाली तीन स्कीम का लाभ उठाता है। यह तीनों योजनाएँ  है :-

  • EPF ( कर्मचारी भविष्य निधि )
  • EPS ( कर्मचारी पेंशन स्कीम )
  • EDLI ( बीमा )

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया है कि एक कर्मचारी के PF Account में हर महीने 12% राशि उसकी मासिक सैलरी में से कटकर जमा हो जाती है और 12% राशि वह जिस विभाग या कंपनी में नौकरी करता है,उस विभाग या प्राइवेट कंपनी के द्वारा कर्मचारी के पीएफ़ अकाउंट में जमा की जाती है। 

कर्मचारी की सैलरी में से कटने वाली 12% राशि EPF ( कर्मचारी भविष्य निधि ) में जमा होती है जबकि कंपनी या विभाग की तरफ से जमा की जाने वाली 12% राशि में से 3.67% राशि कर्मचारी के EPF में,8.33 % राशि EPS ( कर्मचारी पेंशन स्कीम ) में,0.50% राशि EDLI ( बीमा ) स्कीम और 0.65% राशि प्रशासनिक शुल्क के रूप में जमा होती है।

इस प्रकार जब कर्मचारी रिटायर हो जाता है तो उसके पीएफ़ अकाउंट में EPF ( कर्मचारी भविष्य निधि ) स्कीम के तहत जमा किये गये पैसे उसे मिलते है और EPS ( कर्मचारी पेंशन स्कीम ) के तहत जमा किये गये रूपये से उसकी पेंशन शुरू हो जाती है। और यदि किसी कारणवश उस कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो अधिकतम 6 लाख रूपये तक की बीमा राशि उसके परिवार को दी जाती है। 

इस प्रकार एक पीएफ़ अकाउंट खोलकर उसमें छोटी बचत का निवेश करने से जब कर्मचारी रिटायर हो जाता है तो उसे प्रोविडेंट फ़ंड में जमा पैसे मिलने के साथ ही उसे पेंशन मिलना भी शुरू हो जाती है। 

इस प्रकार "प्रोविडेंट फ़ंड ( पीएफ़ ) जिसे हिन्दी में भविष्य निधि कहते है,वह रकम है जिसके द्वारा कोई कर्मचारी रिटायर होने के बाद अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते है"। 

कर्मचारी भविष्य निधि स्कीम के अंतर्गत रिटायरमेंट की उम्र 58 वर्ष निर्धारित है। यदि कर्मचारी 58वर्ष आयु पूरी कर चुका है और रिटायर हो चुका है तो उसे प्रोविडेंट फ़ंड में जमा पूरी रकम कुछ किश्तों में दे दी जाती है। लेकिन खास परिस्थितियों जैसे विवाह,जमीन खरीदे,लोन की किश्ते चुकाने या मेडिकल इलाज के लिये  प्रोविडेंट फ़ंड ( पीएफ़ ) में जमा राशि का लगभग 50% फ़ंड रिटायरमेंट की उम्र से पहले भी निकाला जा सकता है लेकिन इसमें कई प्रकार के नियम और शर्ते है। 

कर्मचारी भविष्य निधि ( प्रोविडेंट फ़ंड ) में जमा किये गये रूपये पर 8 से 9% की उच्च दर से ब्याज भी मिलता है। और कर्मचारी की रिटायरमेंट के बाद उसे जो प्रोविडेंट फ़ंड में जमा पूरी राशि मिलती है उस पर भी किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगाया जाता है। 

इस प्रकार EPFO की EPF ( कर्मचारी भविष्य निधि ),EPS ( कर्मचारी पेंशन स्कीम ),EDLI ( बीमा ) स्कीम का फायदा लेने के लिए एक Account खोला जाता है जिसे EPF या PF Account कहा जाता है। 

Employees' Provident Fund Organisation ( कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ) का भी यही एक मात्र उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नौकरीपेशा लोगों को बचत के लिए प्रेरित करके प्रोविडेंट फ़ंड में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे रिटायरमेंट के बाद वह लोग अपनी जिंदगी को बेहतर ढंग से गुजार सके। 

इस कारण यदि आप किसी सरकारी विभाग या प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है यहां पर आपको PF Benefits मिलते है तो आपका Provident Fund में निवेश करने के लिये प्रोविडेंट फ़ंड अकाउंट जरूर खुलवाना चाहिए जिससे आपको भविष्य में मुश्किल परिस्थितियों में आर्थिक कमजोरी का सामना न करना पड़े और आपका भविष्य सुरक्षित हो। 

एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि "आज की बचत ही कल की कमाई है"। 

तो इस कहावत को अपने जीवन में लागू करने के लिये प्रोविडेंट फ़ंड एक सबसे बेहतर विकल्प है। क्योंकि इसमें निवेश करना सुरक्षित है और यह भारत सरकार के अधीन है। 

मैं आशा करता हूँ कि इस पोस्ट को पढ़कर आपको प्रोविडेंट फ़ंड ( पीएफ़ ) से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल हो गयी होगी। यदि आप Employees' Provident Fund से जुड़ा किसी भी प्रकार का सवाल पूछना चाहते है तो आप कमेंट कर सकते है। 

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