अध्यादेश किसे कहते है ? यह कब लागू किया जाता है ?

संविधान से जुड़े कुछ ऐसे शब्द होते है जिनकी जानकारी देश के अधिकांश नागरिकों को नहीं होती है। इन शब्दों में से ही एक शब्द है 'अध्यादेश'। लेकिन आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको 'अध्यादेश किसे कहते है व इससे जुड़े तमाम सवालों के जबाव' आसान से आसान शब्दों में देने जा रहे है।

यदि आप भी इस टॉपिक पर विस्तारित जानकारी चाहते है तो इस पोस्ट को पूर्ण रूप से जरूर पढे। जिससे आपके मन में अध्यादेश के बारे में सभी वहम दूर हो जाये और आप जागरूक हो जाये। तो आइये आज की इस पोस्ट की शुरुवात करते है।

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अध्यादेश किसे कहते हैं ? अध्यादेश का मतलब क्या होता हैं ?


अध्यादेश को इंग्लिश में ordinance भी कहा जाता है।

भारतीय संसद के द्वारा नये कानूनों का निर्माण,पुराने कानूनों में संशोधन किया जाता है। लेकिन जब संसद का सत्र न चल रहा हो तो भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रीमण्डल की सिफारिश पर भारत का राष्ट्रपति जिन कानूनों को लागू करता है वह अध्यादेश कहलाता है।

अध्यादेश को हम कुछ इस प्रकार से भी परिभाषित कर सकते है "वें कानून जो केन्द्रीय मंत्रीमण्डल की सिफारिश पर भारत का राष्ट्रपति लागू करता है,वे कानून अध्यादेश कहलाते है। इन कानूनों को केवल तभी लागू किया जा सकता है जब संसद का सत्र न हो। अध्यादेश भी संसद द्वारा लागू किये गये कानून के समान ही प्रभावी होते है।"

अध्यादेश की अवधि क्या है ?


अध्यादेश लागू होने के बाद कुछ ही समय तक प्रभावी रहते है। इनको संसद में एक निश्चित अवधि में पेश करना अनिवार्य होता है।

अध्यादेश को लागू करने के बाद न्यूनतम 6 सप्ताह व अधिकतम 6 महीने के अंदर संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश करना होता है। दोनों सदनों में यदि यह कानून पारित हो जाता है तभी इसे संसद कानून के रूप में लागू करती है।

लेकिन यदि यह अध्यादेश संसद के दोनों सदनों में बहुमत से पारित नहीं हो पाता है तो यह पूर्ण रूप से निष्प्रभावित हो जाता है।


भारतीय संविधान का अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को किसी भी विषय पर अध्यादेश जारी करने का विशेषाधिकार देता है। लेकिन भारत का राष्ट्रपति अपने किसी भी अधिकार का प्रयोग स्वेच्छा से नहीं कर सकता है। वह केवल केंद्रीय मंत्रीमण्डल की सिफारिश पर अध्यादेश लागू कर सकता है।

अनुच्छेद 123 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्रपति ऐसे समय में अध्यादेश पारित कर सकते हैं जब संसद सत्र में न हो लेकिन अध्यादेश का विषय इतना गंभीर और अनिवार्य होना चाहिए जिसे संसद के सत्र में आने तक टाला न जा सके।

अध्यादेश क्यों लागू किये जाते है ? 


संसद का सत्र न चलने पर यदि भारत सरकार कोई जरूरी कानून देश में लागू करना चाहती है तो वह अध्यादेश लाती है। अध्यादेश भारत सरकार को तत्काल कोई कानून लागू करने के सक्षम बनाते है।

अध्यादेश से जुड़े कुछ सवाल और उनके जबाव 


प्रश्न 1 - अध्यादेश कौन जारी करता है ?

उत्तर - राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सिफारिश पर इसे लागू करता है।

प्रश्न 2 - राष्ट्रपति अध्यादेश कब जारी करता है ?

उत्तर - जब संसद का सत्र न चल रहा हो और केंद्र सरकार किसी विशेष और गंभीर विषय पर कानून को लागू करना चाहती है तो वह उसकी सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष करती है। उस समय राष्ट्रपति इसे लागू करते है।

प्रश्न 3 - अध्यादेश और विधेयक में अंतर क्या है ?

उत्तर - अध्यादेश केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति के द्वारा तत्काल लागू किया जाता है। जबकि विधेयक सदन के दोनों सदनों में से पारित होने के बाद फिर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद लागू किया जाता है।


हम उम्मीद करते है की आपको 'अध्यादेश क्या है और अध्यादेश से जुड़े सवाल और उनके जबाव' टॉपिक पर वांछित जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। यदि यह पोस्ट आपको पसंद आती है तो इसे सोश्ल मीडिया पर शेयर भी जरूर करे।
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