Mutual Fund क्या है पूरी जानकारी

आपने टीवी,बैनरों आदि जगहों पर एक विज्ञापन देखा होगा जिसमे कहा जाता है की म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना सही है.लेकिन क्या आप जानते है की वास्तव में म्यूच्यूअल फण्ड क्या होते है और इसमें कैसे निवेश किया जाता है.यदि आप भी इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए ही लिखी गयी है.

इस पोस्ट में हम आपके द्वारा पूछे गये सभी सवालों का जबाव देने की कोशिश करेंगे.जैसे की -

  • म्यूच्यूअल फण्ड क्या होते है ?
  • Mutual Fund में Invest कैसे करते है ?
  • म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना क्या वास्तव में सही है ?
  • म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के क्या फायदे और नुकसान है ?
  • Mutual Fund और Share Market/Stock Market में क्या अंतर होता है.

जो लोग इसके बारे में जानते है वो म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करके अच्छा पैसा भी कमा सकते है.क्योकि Mutual Fund में आप 500 रूपये लगाकर भी निवेश शुरू कर सकते है.तो आइये आज की पोस्ट को शुरू करते है और जानकारी प्राप्त करते है की यह म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है.

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What is Mutual Fund in Hindi ?  म्यूच्यूअल फण्ड की  पूरी जानकारी 


म्यूच्यूअल फण्ड का हिंदी में मतलब होता है पारस्परिक निधि. यदि इसे और बेहतर ढंग से समझा जाये तो यह एक साँझा फण्ड होता है.जिसमे बहुत सारे निवेशक अपना निवेश करते है और इस प्रकार बहुत सारे निवेशको के पैसो को संग्रहित करके एक फण्ड ( संग्रह ) बना लिया जाता है.

आप इसे इस प्रकार भी समझ सकते है की बहुत से निवेशको के द्वारा जमा की गयी राशि को एक फण्ड के रूप में संग्रहित कर लिया जाता है और इस फण्ड का इस्तेमाल Mutual Fund एकत्रित करने वाली कंपनी के Fund Manager के द्वारा दूसरी जगहों पर निवेश किया जाता है.Fund Manager इस फण्ड में एकत्रित धन को अलग - अलग स्थानों पर इन्वेस्ट करता है और उसकी कोशिश यह रहती है जिस जगह वह इन्वेस्ट कर रहा है उसमे उसको प्रॉफिट हो.


जब फण्ड को इन्वेस्ट करने के बाद फण्ड मेनेजर को लाभ होता है तो वह उस फण्ड में निवेश करने वाले सभी निवेशको में लाभ को बाँट देता है.इस प्रकार म्यूच्यूअल फण्ड की प्रक्रिया चलती है.

म्यूच्यूअल फण्ड का सबसे अच्छा फायदा यह होता है की इसमें किसी एक निवेशक को ज्यादा बड़ा घाटा नहीं होता है.चूंकि फण्ड में निवेश करने वाले बहुत से निवेशक होते है.इस कारण इसमें बहुत कम रिस्क रहता है.जब बहुत से निवेशक मिल कर एक फण्ड में निवेश करते हैं तो फण्ड को बराबर बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है जिसे इकाई या यूनिट Unit कहते हैं.म्यूचुअल फंड यूनिट की कीमत को नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) प्रति यूनिट के रूप जाना जाता है। म्यूचुअल फंड यूनिटों को आमतौर पर फंड के वर्तमान एनएवी पर खरीदा या बेचा जा सकता है।

एसेट मैनेजमेंट कंपनियां ( AMC ) इन फंडों का Manage करतीं हैं। अधिकतर एसेट मैनेजमेंट कंपनियां बड़ी निवेश कंपनियों का हिस्सा हैं। भारत में जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय कंपनियां है उनकी जानकारी हम नीचे दे रहे है.

  • ICICI प्रूडेंशल
  • HDFC
  • आदित्य बिड़ला सन लाईफ
  • रिलायंस
  • SBI
  • कोटक महेंद्रा

इसके अलावा भी बहुत सी AMC कंपनियां है जो म्यूच्यूअल फण्ड का प्रबंधन करती है.

अब Mutual Fund को एक उदाहरण के द्वारा समझने की कोशिश करते है.

मान लीजिये की आपने एक जमीन खरीदनी है जिसकी कीमत 100000 ( एक लाख रूपये ) है.

अब आपके पास मात्र 10000 रूपये ही है.क्या आप जमीन खरीद सकते है.तो इसका जबाव है नहीं आप जमीन नहीं खरीद सकते है.

लेकिन यदि आप उस जमीन को खरीदने के लिए फण्ड एकत्रित करते है और उसमे ऐसे 10 निवेशक लाते है की जो मिलकर 10000 रूपये लगाकर एक लाख रूपये का फण्ड एकत्रित कर ले. तो आप आसानी से उस जमीन को खरीद सकते है.

और यदि बाद में उस जमीन की कीमत 2 लाख रूपये हो गयी तो सभी निवेशको को लाभ होता है.हर एक निवेशक ने एक लाख रूपये का फण्ड एकत्रित करने के लिए निवेश तो 10000 रूपये ही किये थे लेकिन जमीन की कीमत बढ़ने पर उसको 20000 रुपये मिलेंगे.

बस इसी प्रकार बाज़ार में बहुत सी कंपनियाँ अपना Mutual Fund Plans लाती है और उसमे निवेश करने के लिए निवेशको को आकर्षित करती है.जब बहुत से निवेशक उस फण्ड में निवेश करते है तो कंपनी उस Mutual Fund के द्वारा एकत्रित हुयी धन राशि को अपने Fund Manager के द्वारा अलग - अलग स्थानों पर इन्वेस्ट करती है.जिसमें कंपनी को लगता है की उसको लाभ होगा.जब कंपनी को लाभ होता है तो वह म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने वाले लोगो में लाभ बाँट देती है और कुछ लाभ कमीशन के रूप में अपने पास रख लेती है.

Fund Manager एक Expert होता है जिसकी जिम्मेदारी होती है की म्यूच्यूअल फण्ड को किसी ऐसी जगह निवेश करना जिसमे प्रॉफिट हो.और जिससे वह निवेश करने वाले लोगो को मुनाफा अर्जित करने दे सके.

म्यूच्यूअल फण्ड का सबसे अच्छा फायदा यह होता है की इसमें हम बहुत कम कीमत में निवेश शुरू करते है जबकि शेयर मार्केट में ऐसा नहीं होता है.Share Market में Share Sell व Buy करने का काम भी बहुत रिस्क वाला होता है.जबकि म्यूच्यूअल फण्ड में रिस्क बहुत कम होता है क्योकि इसमें हमारे द्वारा लगाये गये पैसे को एक Expert Fund Manager ही निवेश करता है.जिससे रिस्क बहुत कम हो जाता है.

इस प्रकार Share Market व Mutual फण्ड दोनों अलग - अलग होते है.म्यूच्यूअल फण्ड में कम रिस्क होने की वजह से ही लोग शेयर बाज़ार की तुलना में इसमें ज्यादा निवेश करना उचित समझते है.


भारतीय म्यूचुअल फंड भारत का म्यूच्युअल फंड उद्योग है। इसकी शुरूआत भारत में 1964 में भारत सरकार द्वारा यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की स्थापना से हुई। यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया अभी भी भारत का एक अग्रिणी म्यूच्युअल फंड है। इसका नियंत्रण एक खास कानून, यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया एक्ट, 1963 के द्वारा होता है।

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के क्या फायदे होते है ?


भारत में पिछले कुछ सालो से म्यूच्यूअल फण्ड बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो रहे है ,क्या आप जानते है की इसके पीछे क्या कारण है.तो आइये मैं आपको इसके फायदों के बारे में जानकारी देता हूँ.

1 - कम रिस्क - म्यूच्यूअल फण्ड में हम जो पैसे इन्वेस्ट करते है वो एक एक्सपर्ट फण्ड मेनेजर के द्वारा ही किसी काम में लगाये जाते है जिसमें लाभ होने के ज्यादा चांस होते है.इसी कारण इसमें लोग ज्यादा निवेश करते है.

2 - बहुत से म्यूच्यूअल फण्ड प्लान्स है - इसमें आपको बहुत से प्रकारों के अलग - अलग Mutual फण्ड प्लान्स मिलते है.जो निवेशक को बहुत से विकल्प प्रदान करता है की कोनसा प्लान उसकी जरुरत के अनुसार ज्यादा उचित रहेगा.जबकि शेयर बाज़ार में ऐसा नहीं होता है.

3 - Tax में छूट - जब भी हम शेयर बाज़ार में इन्वेस्ट करते है तो हमे टैक्स भरना होता है.लेकिन म्यूच्यूअल फण्ड में कुछ ऐसे प्लान है जो आपको कुछ महीनो तक टैक्स की छूट देते है.

इसके अलावा भी इसके बहुत से लाभ है.इन सभी फायदों को देखते हुए आजकल ज़्यादातर लोग शेयर बाज़ार की तुलना में म्यूच्यूअल फण्ड में ज्यादा निवेश करते है.

Mutual Fund कैसे काम करता है और म्यूच्यूअल फण्ड में कैसे निवेश किया जाता है ?


आप ऊपर बताई गयी जानकारी को पढ़कर यह तो समझ गये होंगे की Mutual Fund Kya Hota है.अब हम आपको यह जानकारी देंगे की यह कैसे काम करता है.


बाज़ार में ऐसी बहुत सी AMC कंपनियाँ है जो SEBI द्वारा Mutual Fund Collect करने के लिए रजिस्टर होती है.उनके द्वारा बहुत से Mutual Fund Plans बाज़ार में लाये जाते है.सभी प्लान की अलग - अलग नियम व शर्ते होती है जिसमे यह जानकारी होती है की कितना फण्ड एकत्रित करना है,कितने समय के लिए निवेश करना है,Mutual Fund को कंपनी के फण्ड मेनेजर कहाँ इन्वेस्ट करेंगे आदि .

इन सभी नियम व शर्तो को अच्छी तरह पढ़कर कोई भी निवेशक अपने निवेश करने वाली राशि के अनुसार ही Mutual Fund Plans को चुनता है और कंपनी को बताता है की मैं इस प्लान में निवेश करना चाहता हूँ.फिर कंपनी उस निवेशक को सारी जानकारी देने के बाद उससे फण्ड एकत्रित करती है.इसी प्रकार बहुत से Investor फण्ड में इन्वेस्ट करते है.

Mutual Fund Plans Types :-


म्यूच्यूअल फण्ड बहुत से प्रकार के होते है.जिसमे सभी प्लान्स की अलग - अलग नियम व शर्ते होती है.जब भी आप कोई भी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करे तो सबसे पहले यह जान ले की आप जिस प्लान में निवेश करने वाले है उसकी सीमा,नियम व शर्ते क्या है.कुछ म्यूच्यूअल फण्ड के टाइप्स है जैसे की -
  • इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund)
  • डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund)
  • हाइब्रिड म्यूचुअल फंड (Hybrid Mutual Fund)
  • सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund )

Note - हम आपको म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए प्रेरित नहीं करते है.आप Mutual Fund में निवेश अपने स्वयं विवेक से ही करे.म्यूच्यूअल फण्ड में किसी भी प्रकार के लाभ या घाटे के लिए हम जिम्मेदार नहीं है.यह आर्टिकल केवल जानकारी पहुँचाने के उदेस्श्य के लिए ही लिखा गया है.आप सोच - समझकर ही फण्ड में निवेश करे.

हम उम्मीद करते है की आपको म्यूच्यूअल फण्ड की सारी जानकारी हिंदी में प्राप्त हो चुकी होगी.यदि आपका किसी भी तरह का सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में हमसे पूछ सकते है.हम आपके सभी सवालों का उचित जबाव देने की कोशिश करेंगे.आप यह भी लिखे की क्या हमे Mutual Fund Related Knowledge वाली और ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करनी चाहिए या नहीं.आर्टिकल को शेयर करना न भूले.
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