निफ्टी और सेंसेक्स में अंतर [ Difference Between Nifty and Sensex ]

आपने Nifty और Sensex के बारे में कहीं न कहीं तो जरूर पढ़ा या सुना होगा। जब भी निफ्टी व सेंसेक्स का मान बढ़ता या घटता है तो इससे शेयर मार्केट भी उतना ही प्रभावित होता है। Nifty और Sensex के आँकड़े बढ़ने या घटने से बाज़ार में वृद्धि या मंदी का अनुमान लगाया जाता है। लेकिन इन दोनों में क्या अंतर है ?

इस पोस्ट में निफ्टी और सेंसेक्स में मुख्य अंतर की जानकारी दी गयी है। इस पोस्ट को पढ़कर आप "Difference Between Nifty and Sensex" टॉपिक पर पूरी जानकारी हासिल कर सकते है। 

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निफ्टी और सेंसेक्स में मुख्य अंतर [ Difference Between Nifty and Sensex ]

आपको Nifty और Sensex में Main Difference को समझने के लिये निम्न टर्म्स के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है :-

तो आइये सबसे पहले इन सभी टर्म्स के बारे में जानकारी हासिल करते है। 

Stock Exchange Market : भारत में 2 प्रकार के Stock Exchange Market है जिसे आप शेयर बाज़ार मार्केट भी कह सकते है। इन स्थानों पर कंपनियों के शेयर ख़रीदे व बेचे जाते है। 

NSE : इन Stock Exchange Market में एक NSE है जिसका पूरा नाम National Stock Exchange है.और NIFTY NSE का ही एक Index ( सूचकांक ) है। इस स्टॉक एक्स्चेंज मार्केट में 1500 से भी अधिक कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते है। 

BSE:  इसका पूरा नाम Bombay Stock Exchange है। इस शेयर बाज़ार में 5000 से अधिक कंपनीयां लिस्टेड है। अब जो SENSEX ( सेंसेक्स ) है वो BSE का एक इंडेक्स ( सूचकांक ) है। 

निफ्टी और सेंसेक्स में मुख्य अंतर निम्नलिखित है : - 

The main difference between Nifty and Sensex

NIFTY ( निफ्टी )

Sensex ( सेंसेक्स )

निफ्टी National Stock Exchange Market का एक इंडेक्स ( सूचकांक ) है।

सेंसेक्स Bombay Stock Exchange Market का एक इंडेक्स सूचकांक है।

निफ्टी का पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज फिफ्टी है।

सेंसेक्स का पूरा नाम Sensex ही है।

NIFTY का ही मतलब National Fifty होता है। यानि की NSE में जो भारत की 50 सबसे बड़ी कंपनियों के शेयर है वो देखे जाते है,यदि शेयर्स के मूल्य में बढ़ोतरी होती है तो NIFTY का मान बढ़ता है और यदि उन कंपनियों के शेयर्स के मूल्य गिरते है तो NIFTY का मान कम हो जाता है। इसी प्रकार निफ्टी का मान ऊपर व नीचे होता रहता है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 5000 से अधिक कंपनियाँ रजिस्टर है। सेंसेक्स में उन 5000 कंपनियों में से केवल 30 सबसे बड़ी कंपनियों के शेयर्स की वैल्यू का औसत निकाला जाता है और सेंसेक्स के मान का निर्धारण किया जाता है।

नेशनल स्टॉक एक्स्चेंज मार्केट ने बाज़ार में मंदी और बढ़ोतरी को बताने के लिए NIFTY सूचकांक बनाया है। जिसे देखकर आसानी से एक आम इंसान भी यह जान सके की बाज़ार में मंदी है या मुनाफे का दौर है।

इस प्रकार शेयर मार्केट में ग्रोथ व मंदी की जानकारी देने के लिए BSE ने सेंसेक्स के रूप में अपना एक सूचकांक बनाया है जो 30 सबसे बड़ी कंपनियों के Shares की एवरेज वैल्यू पर निर्धारित होता है।

जितना ज्यादा निफ्टी व सेंसेक्स का मान बढ़ता या घटता है शेयर मार्केट उतना ही प्रभावित होता है। इस प्रकार निफ्टी और सेंसेक्स दोनों के द्वारा शेयर मार्केट की स्थिति की जानकारी सभी निवेशको व आम जनता को मिलती है.जिससे उसके बाज़ार में मंदी,मुनाफा आदि की जानकारी प्राप्त हो जाती है।

Difference Between Nifty and Sensex [ निफ्टी और सेंसेक्स में मुख्य अंतर कौन-कौन से है ] टॉपिक से जुड़ा किसी भी प्रकार का सवाल पूछने के लिये कमेंट करे। आपके हर एक कमेंट का जबाव दिया जायेगा। 

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