इंकलाब जिंदाबाद नारे का मतलब क्या होता हैं ? इस नारे के लेखक कौन हैं।

हर एक नवीन क्रांति की शुरुवात में नारे बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आजादी के आंदोलन में भी एक ऐसा ही नारा हर तरफ गूँजता था वो नारा था इंकलाब जिंदाबाद । कोई भला कैसे भूल सकता हैं कि जब भगत सिंह और उनके साथी क्रांतिकारी अंग्रेज़ो के सामने बुलंद आवाज में इंकलाब जिंदाबाद नारा लगाकर अपने विरोध को प्रगट करते थे। यह एक ऐसा नारा था जो उस वक़्त क्रांतिकारियों में गज़ब का जोश भर देता था। 

वर्तमान समय में भी इंकलाब जिंदाबाद एक ऐसा नारा हैं जो हर एक क्रांतिकारी की जुबान पर रहता हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बहुत कम ऐसे लोग हैं जो इंकलाब जिंदाबाद नारे का सही मतलब जानते हैं। इसके अलावा इस नारे के लेखक कौन हैं ? इसकी जानकारी भी बहुत कम लोगों को हैं। 


इस ब्लॉग पोस्ट में इंकलाब जिंदाबाद नारे का सही मतलब बताया गया हैं और इसके साथ यह जानकारी भी प्रकाशित की गयी हैं कि इस नारे के लेखक कौन हैं। तो आइये इस बुलंद नारे के बुलंद इतिहास पर नजर डालते हैं। 
Meaning-Of-Inkalaab-Jindaabaad-Slogan-in-Hindi

इंकलाब जिंदाबाद नारे का सही मतलब (इंकलाब जिंदाबाद नारे का अर्थ) Meaning Of Inkalaab Jindaabaad Slogan in Hindi


इंक़लाब ज़िन्दाबाद हिन्दुस्तानी भाषा का नारा है, जिसका अर्थ है 'क्रांति की जय हो'। इस नारे को भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों ने दिल्ली की असेंबली में 8 अप्रेल 1929 को एक आवाज़ी बम फोड़ते वक़्त बुलंद किया था। 

जब ब्रिटिश हकूमत के सामने भारतीय क्रांतिकारी यह नारा लगाते थे तो ब्रिटिश हकूमत की जड़े हिल जाती थी। ब्रिटिश हकूमत को इस नारे से बहुत ज्यादा डर लगता था क्योंकि यह नारा क्रांतिकारियों के साथ सच्चे देशवासियों में भी गज़ब का उत्साह भर देता था जिससे लोग आजादी के आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे। 

इंकलाब जिंदाबाद नारा किसने लिखा था ? 


इंकलाब जिंदाबाद नारे का लेखक कौन हैं ? इसके बारे में भी हमारे ब्लॉग के पाठकों को जरूर पता होना चाहिए। तो आइये इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

Hasrat_Mohani_2014_stamp_of_India

इंकलाब जिंदाबाद नारा मशहूर शायर हसरत मोहानी ने एक जलसे में, आज़ादी-ए-कामिल (पूर्ण आज़ादी) की बात करते हुए दिया था। इस बुलंद नारे के लेखक उस समय के मशहूर शायर हसरत मोहनी साहब हैं। इस नारे को क्रांतिकारी इतनी बुलंद आवाज में लगाते थे जिसे सुनकर अंग्रेज़ काँप जाया करते थे। 

हम उम्मीद करते हैं कि यह ब्लॉग पोस्ट पढ़कर आपको इंकलाब जिंदाबाद नारे का सही अर्थ पता लग गया होगा। यदि यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए फायदेमंद साबित हुई हैं तो इसे सोश्ल मीडिया पर शेयर जरूर करे। 

जानकारी अच्छी लगी है तो Facebook Page Like जरूर करे

Share This Post :-


No comments:

Post a Comment

आपको पोस्ट कैसी लगी कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखे,यदि आपका कोई सवाल है तो कमेंट करे व उत्तर पाये ।